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एक मसाला डोसा वाली शाम की कहानी



कांगड़ा की एक शांत सी शाम थी। मौसम न ज़्यादा ठंडा था, न ज़्यादा गर्म - बस टहलने के लिए बिल्कुल सही। एक पिता अपनी छोटी बेटी के साथ शीतला माता मंदिर रोड से गुजर रहे थे। दिन भर की थकान के बाद दोनों सोच रहे थे कि आज क्या खाया जाए।


अचानक बेटी रुक गई और बोली,

“पापा, मुझे कुछ कुरकुरा खाना है।”


पिता मुस्कुराए और बोले,

“अगर कुरकुरा चाहिए, तो फिर जवाब सिर्फ एक है - डोसा।”


कुछ ही देर में वे The Cozy Kitchen पहुँच गए। जैसे ही अंदर कदम रखा, तवे पर सिकते डोसे की खुशबू ने उनका स्वागत किया। रसोई से आती हल्की सी छन-छन की आवाज़ बता रही थी कि ताज़ा डोसा तैयार हो रहा है।


शेफ ने ताज़ा बैटर तवे पर फैलाया, थोड़ा सा बटर डाला और धीरे-धीरे डोसा सुनहरा और कुरकुरा होने लगा। अंदर गरम-गरम आलू की मसालेदार फिलिंग रखी गई और नारियल की चटनी और गरम सांभर के साथ प्लेट सजाकर परोसा गया।


बेटी ने पहला निवाला लिया और कुछ पल के लिए रुक गई।


“पापा, ये अब तक का सबसे क्रिस्पी डोसा है,” उसने मुस्कुराते हुए कहा।


पिता हँस पड़े और बोले,

“कुछ खाने सिर्फ पेट नहीं भरते, यादें भी बना देते हैं।”


दोनों कुछ देर वहीं बैठे रहे - बातें करते हुए, साथ में खाना खाते हुए और उस छोटे से पल का आनंद लेते हुए। बाहर सड़क पर रोज़ की तरह हलचल जारी थी, लेकिन अंदर एक सुकून भरा माहौल था।


कभी-कभी खुशी बहुत बड़ी नहीं होती…

कभी-कभी खुशी बस एक गरमागरम मसाला डोसा होती है, जिसे आप अपने किसी खास के साथ साझा करते हैं।


और The Cozy Kitchen में हम हर दिन वही कोशिश करते हैं - सिर्फ खाना नहीं, बल्कि यादगार पल परोसने की। 🍽️✨

 
 
 

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