कुछ लोग यहाँ खुशी में चाय पीते हैं…
कुछ लोग ��कान में चाय पीते हैं…
किसी का इंटरव्यू अच्छा गया हो - तो चाय।
किसी का दिन मुश्किल रहा हो - तो भी चाय।
दो दोस्त महीनों बाद मिलें - चाय।
कोई अकेला बैठकर सोच रहा हो - चाय।
कभी हँसी के साथ चाय,
कभी खामोशी के साथ चाय।
कई लोग यहाँ सिर्फ चाय पीने नहीं आते…थोड़ा हल्का होने आते हैं।
किसी को अपनी बात कहनी होती है,किसी को बस किसी की बात सुननी होती है।
धीरे-धीरे यहाँ चाय एक आदत नहीं रही…एक छोटा सा सहारा बन गई।
शायद इसलिए यहाँ चाय का कोई मौका नहीं होता…
बस मन करता है…और लोग आ जाते हैं।
और अगर आप Tanda Road से गुजर रहे होंऔर अचानक चाय पीने का मन हो जाए…
तो एक बार यहाँ रुककर चाय ज़रूर पीजिए। ☕